असम कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को पत्र लिखकर करी बोर्ड परीक्षा रद्द करने की मांग



कोरोना माहमारी में CBSE 12 बोर्ड की परीक्षाएं रद्द होने के बाद बहोत राज्यो की सरकारों ने स्टेट बोर्ड की 12 बोर्ड परीक्षाएं भी रद्द कर दी है। ऐसे में इस फैसले को लेकर असम में अभी भी जद्दोजहद चल रही है। और असम में छात्र ट्विटर पर परीक्षाओं का विरोध प्रदर्शन कर रहे है, इसी बीच विपक्षी कांग्रेस ने सोमवार को असम में 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का समर्थन किया और राज्य सरकार से इस संबंध में जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया।

 मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को पत्र लिखकर, असम कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने केंद्रीय बोर्ड द्वारा परीक्षाओं को रद्द करने के बाद सीबीएसई के आंतरिक मूल्यांकन से निपटने के लिए तुरंत एक तंत्र या मूल्यांकन योजना तैयार करने का अनुरोध किया।
 
"यह केवल प्रख्यात शिक्षाविदों, छात्र संघों, स्वयं छात्रों और अन्य महत्वपूर्ण हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करके ही संभव होगा। इसके अलावा इस वर्ष के लिए परीक्षाओं को रद्द किया जा सकता है, ताकि उनके अत्यंत मूल्यवान शैक्षणिक वर्ष के नुकसान को रोका जा सके।" श्री बोरा ने कहा ।
 "मुझे उम्मीद है कि आपकी सरकार छात्रों के पक्ष में एक बहुत ही व्यावहारिक निर्णय लेगी। मुझे उम्मीद है कि छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को उनके महीनों के संकट को समाप्त करने के उद्देश्य से निर्णय से अवगत कराया जाएगा।" उन्होंने जोड़ा।

उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर देशभर में सीबीएसई की परीक्षा रद्द होने के बाद कई विश्वविद्यालयों ने उच्च कक्षाओं में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पत्र में कहा गया है, "लेकिन असम में अब तक SEBA और AHSEC की ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करने के बारे में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इस बीच, माननीय शिक्षा मंत्री ने परीक्षा आयोजित करने के बारे में कई घोषणाएं की, लेकिन बिना किसी स्पष्टता के।"

श्री रिपुन बोरा ने कहा कि असम में मौजूदा स्थिति के दौरान, सैकड़ों छात्र और उनके माता-पिता न केवल हर दिन अपने जीवन से जूझ रहे हैं, बल्कि अपने प्रियजनों को खोने के भारी आघात से भी जूझ रहे हैं।

"ऐसी परिस्थितियों में, असम में SEBA (माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, असम) और AHSEC (असम उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद) परीक्षा आयोजित करना संभव नहीं है," श्री बोरा ने कहा।

menu
menu