बीयू की परीक्षा में शामिल होना है तो कॉलेज आकर ही भरना होगा फॉर्म, बढ़ेगा संक्रमण का खतरा


-  कॉलेज परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना चुनौतीपूर्ण,
भोपाल । कोरोना संक्रमण की र तार मुश्किल से कम हो रही है। ऐसे में अब   फिर से न्यौता देने की तैयारी की जा रही है। दरअसल, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की सेमेस्टर परीक्षा के फॉर्म भरने की तारीख घोषित कर दी है। एमए,एमएससी,एमकॉम आदि के चौथे सेमेस्टर के विद्यार्थियों को 1 जून से 17 जून तक सामान्य फीस के साथ परीक्षा फॉर्म जमा करना होगा। लेकिन वर्तमान व्यवस्था में विद्यार्थियों  को परीक्षा फॉर्म भरना है तो उन्हें बीयू संबद्ध अपने कॉलेजों में अनिवार्य रूप से जाना होगा। वह कॉलेज जाकर फीस जमा नहीं करेगा और अपना आवेदन का एक बार खुद परीक्षण नहीं करेगा तब तक कॉलेज उनके परीक्षा फॉर्म विश्वविद्यालय को फॉरवर्ड नहीं करेंगे। यानी सालों से चल रहे डिजिटल इंडिया अभियान का लाभ विद्यार्थियों को इस संकट की घड़ी में भी नहीं मिल पा रहा है क्योंकि, यहां विद्यार्थियों को सीधे परीक्षा फॉर्म भरकर फीस जमा करने की ऐसी व्यवस्था नहीं बनाई गई। अब उन्हें ऑनलाइन व्यवस्थाओं के बनने के बाद भी ऑफलाइन तरीके से कार्य करने होंगे। वहीं वे कॉलेज में पहुंचेंगे तो परिसरों में सोशल डिस्टेंसिंग कराना चुनौतीपूर्ण है।

कॉलेजों ने कहा फॉर्म भरना है तो आना पड़ेगा...
परीक्षा फॉर्म भरने को लेकर विद्यार्थी चिंतित हैं। वे अपने कॉलेजों में लगातार संपर्क कर रहे हैं। लेकिन कॉलेजों द्वारा कहा जा रहा है कि परीक्षा फॉर्म भरना है तो उन्हें आना होगा। यदि वे नहीं आ पा रहे हैं तो अपने अभिभावक या दोस्त को भेजना होगा।


छात्रों को दी जाए सीधे फॉर्म भरने की सुविधा ...
इस मामले में प्रोफेसर्स का कहना है कि विद्यार्थियों को अपना फॉर्म खुद भरने की सुविधा सिटिजन ट्रांजेक्शन के रूप में दी जानी चाहिए। ताकि उसे फॉर्म भरने के लिए नहीं आना पड़े। इसके अलावा कॉलेज भी अपने-अपने स्तर पर फीस ऑनलाइन जमा करने की ऑनलाइन व्यवस्था कर सकते हैं। ताकि उन्हें कॉलेज नहीं आना पड़े। इस समय कैंपस में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं की जानी चाहिए।


छात्रों को शहर लौटना होगा,बढ़ेगा संक्रमण का खतरा...
परीक्षा ओपन बुक सिस्टम से होनी है। इसलिए अधिकतर छात्र अपने गांव अपने घर चले गए हैं। ऐसे में उन्हें सेमेस्टर परीक्षा के फॉर्म भरने हैं तो उसके लिए उन्हें वापस उस शहर लौटना होगा जहां उनका कॉलेज है। ऐसे में कई छात्र-छात्राओं को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग कर आना-जाना पड़ेगा। इससे एक बार फिर न सिर्फ उनके लिए बल्कि उनके गांव में रहने वाले परिजनों के लिए कोरोना से संक्रमित होने का खतरा बढेगा।
 

वर्जन...
इसलिए विवि को सीधे फॉर्म लेने की सुविधा शुरू करने पर विचार करना चाहिए। फॉर्म के ऑनलाइन सत्यापन की जि मेदारी कॉलेजों को देनी चाहिए। हमारा मु य उद्देश्य यह होना चाहिए कि अपात्र विद्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं होना चाहिए। इससे हमारे उद्देश्य की पूर्ति हो सकेगी और विद्यार्थियों को सुविधा भी मिल सकेगी।
डॉ. अनिल शिवानी, प्रभारी प्राचार्य,हमीदिया कॉलेज
 
----
हर जगह कोविड-19 की रोकथाम की दृष्टि से कार्य करने होंगे। बीच का रास्ता निकालना होगा। इसके लिए छात्रों को ऑनलाइन फार्म और फीस जमा करने की सुविधा दी जाए। फार्म करने के बाद उसकी रिसीव की पीडीएफ वह कॉलेज को भेज दे। ताकि कॉलेज को आगे की कार्रवाई करने में आसानी हो।
डॉ. महेंद्र सिंह, प्रभारी कॉलेज, एमवीएम
----
विद्यार्थियों को कॉलेज नहीं आना पड़े और वे खुद परीक्षा फॉर्म भर सकें। इस संबंध में विचार किया जा रहा है। कॉलेजों से इस विषय में चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा।
डॉ. एचएस त्रिपाठी, रजिस्ट्रार बीयू
------

menu
menu