मध्यप्रदेश में 33 लाख युवा कर रहे नौकरी की तलाश , ग्वालियर में हुए सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन

भोपाल । मध्यप्रदेश में युवा रोजगार पाने के लिए भटक रहे हैं। सरकारी विभागों में नौकरी के लिए सालों से मेहनत कर रहे हैं। लेकिन सरकार उन्हें अवसर उपलब्ध नहीं करा पा रही है। ऐसे में सालों मेहनत करने के बाद युवाओं के हाथ सिर्फ बेरोजागी ही रह जाती है। मध्यप्रदेश की बात करें तो यहां सरकारी स्कूलों के लिए शिक्षक भर्ती अटकी है। राजस्व विभाग के लिए पटवारी भर्ती के उम्मीदवार पात्र होते हुए भी नियुक्ति के लिए परेशान हो रहे हैं। सहकारिता विभाग के अंतर्गत जूनियर सेल्स मेन भर्ती के लिए उम्मीदवार भटक रहे हैं। पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए सिर्फ आवेदन ही जमा हो सके हैं। परीक्षा कब होगी इसकी संभावित तारीख भी नहीं बताई जा रही है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती नहीं हो पा रही है। इसी तरह कई विभागों में पद खाली होने और जरूरत होते हुए भी बेरोजगारों को अवसर नहीं दिए जा रहे हैं।  मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग भी पर राज्य प्रशासनिक सेवा सहित अन्य भर्ती परीक्षाएं समय पर नहीं करा पा रहा है।

उधर,  रोजगार प्राप्त करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार के एमपी रोजगार पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 31 मार्च 2021 की स्थिति में 33 लाख 26 हजार 792 रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इसमें सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन ग्वालियर में हुए हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में सालों खपा देने वाले उम्मीदवारों का कहना है कि सरकार सिर्फ बातें कर रही है। अब भर्तियां नहीं कराने का सबसे बड़ा हथियार कोरोना संक्रमण को बना लिया है। जबकि कोरोना संक्रमण से अधिक खतरनाक बेरोजगारी की मार है। लेकिन यह बात जिम्मेदारों को समझ नहीं आ रही है। रोजगार उपलब्ध कराने के अलावा सब कार्य हो रहे हैं।

इंदौर सातवें स्थान पर -- 
मध्यप्रदेश के 53 जिलों में सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन ग्वालियर में हुए हैं। इस जिले में 1 लाख 64 हजार 846 आवेदकों ने रोजगार प्राप्त करने के लिए  रजिस्ट्रेशन कराएं हैं। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल इस मामले में दूसरे स्थान पर है। तीसरे स्थान पर सतना जिला है। रोजगार पाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के मामले में रीवा जिले का नाम चौथे नंबर पर है। पांचवें स्थान पर सागर हैं जहां उम्मीदवारों ने अन्य जिलों की तुलना में अधिक रजिस्ट्रेशन कराए  हैं। वहीं इंदौर का सातवां स्थान हैं। एमपी रोजगार पोर्टल पर दर्ज यह आंकड़े चिंता जनक है। एक ओर रोजगार के  नए अवसर घटते जा रहे रहे हैं। दूसरी ओर बेरोजगारी के आंकड़े भी बढ रहे हैं।  


मप्र में इन 10 जिलों के रोजगार कार्यायल में सबसे ज्यादा हुए रजिस्ट्रेशन --
 
1- ग्वालियर में 1,64,846 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराए।
2- भोपाल में 1,45,752 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराए।
3- सतना में 1,36,600 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेश कराए।
4- रीवा में 1,33,804 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराए।
5- सागर में 1,24,169 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रशन कराए।
6-  मुरैना में 1,14,486 उम्मीदवारोंने रजिस्ट्रेशन कराए।  
7- इंदौर में 1,13,798 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराए।
8- छिंदवाड़ा में 1,10,446 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराए।
9- जबलपुर में 10,8863 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराए।
10- भिंड में 99,571 उम्मीदवारों ने रजिसट्रशन कराए हैं।


वर्ष बार रजिस्ट्रेशन के आंकड़े
 
- वर्ष 2018 में 7,46,818 रजिस्ट्रेशन हुए। इसमें से 6 लाख 97 हजार 374 मध्यप्रदेश के मूल निवासी हैं। इसके अलावा 49 हजार 444 बाहरी राज्यों के उम्मीदवार हैं।
- वर्ष 2019 में 8 लाख 46 हजार 709 रजिस्ट्रेशन हुए। इसमें से 8 लाख 14 हजार 849 मध्यप्रदेश के और 31 हजार 860 बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराए।

- वर्ष 2020 में 6 लाख 4 हजार 134 रजिस्ट्रेशन हुए। इसमें से 5 लाख 38 हजार 913 मध्यप्रदेश के और 65 हजार 221 बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराए। वहीं वर्तमान वर्ष 2021 में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी है।


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