शासकीय महाराजा स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय का महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में हुआ संविलियन , नई शिक्षा नीति के तहत होगी पढाई


मध्यप्रदेश शासन मंत्रिमंडल ने शासकीय महाराजा स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय छतरपुर का समस्त संसाधनों सहित महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में संविलियन करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस निर्णय से शिक्षा के क्षेत्र में नए द्वार खुले है।  सन 1865 ई. में एक उर्दू मदरसे के रूप में इस कहानी की शुरुवात हुई थी। 
वर्तमान में नई शिक्षा नीति के तहत के नए कोर्सेज करिकुलम में शामिल हुए है। कुलसचिव डॉ जे पी मिश्रा ने बताया कि अब यूजीसी से विश्वविद्यालय विकास के लिए अनुदान मिल सकेगा, जिसमें विश्वविद्यालय की भूमि पर भवन निर्माण के साथ नए नए विभाग खोले जाएंगे। अवरुद्ध शोध गतिविधियों को दिशा मिलेगी तथा क्षेत्र की आवश्यकता को दृष्टिगत रखकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत युवाओं को संस्कारित भी किया जाएगा। 

आईये जानते है इस महाविद्यालय का रोचक इतिहास :

सन 1865 ईसवी में छतरपुर दीवान तांतिया साहब गोरे द्वारा उर्दू मदरसा की स्थापना छतरपुर में की गई थी , जिसका उद्घाटन कर्नल टॉमसन द्वारा किया गया था । बाद में 1881 ईस्वी में यह मदरसा ए.बी.एम स्कूल में परिवर्तित हुआ। जिसके प्रधानाध्यापक राय बहादुर सोहनलाल थे।

आगे चल कर सन 1884 ईस्वी में तत्कालीन राजमाता ने इसे हाई स्कूल में परिवर्तित किया, जो 1886 में कोलकाता विश्वविद्यालय से संबंध हुआ। इसके बाद 1930 में यह स्कूल का सम्बंध अजमेर बोर्ड से हुआ । सन 1935 ईस्वी में राजमाता ने इसे महाराजा इंटरमीडिएट कॉलेज में परिवर्तित किया ।
सन 1938 ईसवी में वर्तमान भवन , छात्रावास , प्राचार्य निवास , मेस आदि का निर्माण करवाया गया । सन 1949 ईस्वी में कॉलेज स्नातक महाविद्यालय हो गया। और आगरा विश्वविद्यालय से संबंध किया गया । सन 1957 ईस्वी में स्नातकोत्तर महाविद्यालय के रूप में स्थापित हुआ जो महाविद्यालय आज महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में परिवर्तित हो गया है। 

पढाये जाएंगे ये विषय :

कुलपति प्रो. टी.आर. थापक के निर्देशन में हुए इस संविलियन से विश्वविद्यालय में इसी सत्र से एमएससी कंप्यूटर साइंस, एमएससी माइक्रोबायोलॉजी, एम ए चित्रकला, एम ए संगीत की कक्षाएं प्रारंभ होगी।  नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत रोजगार परक यूजी व पीजी डिप्लोमा इन माइनिंग साइंस , पीजी डिप्लोमा इन टूरिज्म, यू जी एस डिप्लोमा इन कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियरिंग, डिप्लोमा इन इंटीरियर डिजाइनिंग, यूजी डिप्लोमा इन परफॉर्मिंग आर्ट्स, यूजी डिप्लोमा एंड इंटरनेट ऑफ थिंग्स, यू जी डिप्लोमा इन वेब डिजाइनिंग एंड डेवलपमेंट, सर्टिफिकेट कोर्स इन फोटोशॉप, सर्टिफिकेट कोर्स इन नेटवर्किंग, सर्टिफिकेट कोर्स इन कंप्यूटर ऐडेड डिजाइन एंड ड्रॉइंग, सर्टिफिकेट कोर्स इन डिजिटल मार्केटिंग आदि कोर्स पढाये जाएंगे। 

कृषि संकाय प्रारंभ करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने के साथ अगले सत्र से मेडिकल कॉलेज , पैरा मेडिकल कॉलेज , डिग्री इन नर्सिंग, पर्यटन संस्थान , बीपीएड आदि भी प्रारंभ किया जाएंगे।

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