मध्यप्रदेश की सभी प्राइवेट यूनिवर्सिटी में छात्र हित संरक्षित करे आयोग, राज्यपाल के निर्देश- समस्याओं का समाधान कराने पारदर्शी प्रक्रिया हो



भोपाल। मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 9 अगस्त को निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग की समीक्षा राजभवन में की। समीक्षा के दौरान राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि निजी विश्वविद्यालयों में छात्र हित संरक्षण में विनियामक आयोग प्रभावी भूमिका निभायें। समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी हो चाहिए । निराकरण समय सीमा में किया जाना चाहिए । राष्ट्रीय शिक्षा नीति का निजी विश्वविद्यालयों में प्रभावी क्रियान्वयन होन चाहिए।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आयोग निजी विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक कैलेंडर की निगरानी करें। और यह सुनिश्चित करें कि परीक्षाएं समय पर हों। मूल्यांकन कार्य र्निधारित समय अवधि में पूर्ण हो जायें। परीक्षाओं के परिणाम भी र्निधारित समय पर घोषित किए जायें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या और उसकी तुलना में प्लेसमेंट की स्थिति की जानकारी भी वर्षवार संधारित की जानी चाहिए। विश्वविद्यालयों में प्लेसमेंट सेल का गठन भी प्रत्येक विश्वविद्यालय में होना चाहिए। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों, कार्यरत शिक्षकों की समस्या समाधान की ऑनलाइन व्यवस्था किए जाने की भी जरुरत बताई।

राज्यपाल पटेल ने सकल नामांकन अनुपात को बढ़ाने के प्रयासों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों और वर्गों में उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात कम है। उसे बढ़ाने के संबंध में नियोजित प्रयास किए जायें। उन्होंने प्रदेश में पुरुष महिला सकल नामांकन अनुपात बराबर होने पर प्रसन्नता भी व्यक्त की। उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान केन्द्रित किए जाने की जरुरत बताई।  निजी विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के लिए विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान पाठ्यक्रमों में सुधार, अनुसंधान और नवाचार पर ध्यान दिया जाए। उद्योगों, निजी परोपकारी संस्थानों द्वारा छात्रवृत्ति फण्ड स्थापित कराने, ऑनलाइन माध्यम से पाठ्यक्रम संचालन द्वारा वंचित और दिव्यांग छात्रों के लिए शिक्षा की पहुंच बढ़ाना के प्रयासों पर बल दिया जाना चाहिए। फैकल्टी अप-स्किल्स एंड मोटिवेशन के कार्यों को भी विस्तारित कराने पर ध्यान केन्द्रित किया जायें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार वर्तमान पाठ्यक्रमों के साथ अंत: विषय, पाठ्यक्रमों को जोड़ने के प्रभावी प्रयास किए जाये। निजी विश्वविद्यालयों को इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार और उच्च ग्रेडिंग हासिल करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

इस कार्य में समन्वयक और मार्गदर्शक की भूमिका में आयोग सक्रिय सहयोग करें।  इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा, अपर सचिव मनोज खत्री, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के सभापति भरत शरण सिंह, सचिव डॉ. के.पी. साहू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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